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आज का पुरुषार्थ 29 April 2019 - PMTV


Read and hear Aaj Ka Purusharth in Hindi from Peace of Mind TV channel for 29 April 2019. Watch PMTV Live.

Topic: 'Swa-Sthiti' (स्व-स्थिति - Our Spiritual Stage)

★【 आज का पुरूषार्थ】★

बाबा कहते हैं... बच्चे, आप निश्चिन्त रहो...। अब आप बच्चों की स्व-स्थिति ऊँची होती जा रही हैं अर्थात् आप सब, इस दुनिया के प्रभाव से न्यारे अर्थात् तेरा-मेरा, क्या-क्यों, ऐसे-वैसे, अच्छा-बुरा ... हर चीज़ से न्यारे होते जा रहे हो...। अब आप बच्चों के संकल्प भी बेहद में रहते हैं। जैसे; जब पानी से भरे एक बर्तन को अग्नि के ऊपर रख दें, तो पानी भाप बन ऊपर उड़ता जाता हैं, इसी तरह अब आप बच्चों की स्थिति योग-अग्नि से ऊपर की तरफ अर्थात् बेहद में स्थित होती जा रही है। अब आप दुनिया के प्रभाव से न्यारे होते जा रहे हो। यदि कोई बच्चा अभी भी क्या-क्यों करता है, तो जैसेकि अग्नि के ऊपर plate रख देता है, जिससे वो हद में भी आ जाता हैं और योग-अग्नि भी slow हो जाती है ... इसलिए बच्चे, स्वयं पर attention रखो और हर बंधन से मुक्त रह, सभी आत्माओं को बंधनमुक्त बनाओ ... और आपकी बेहद की स्थिति अर्थात् बाप-समान स्थिति ही सभी को मुक्त कर सकती है। आपके अंदर एक ही संकल्प हो कि; • सब अच्छा हैं

और • हर बात में केवल कल्याण ही कल्याण है...। आप आधारमूर्त आत्मायें हो। सर्व आत्माओं के प्रति आपको विशेष सम्मान और स्नेह होना चाहिए...। आप बच्चे तो मास्टर प्रेम के सागर हो - निर्माणता, नम्रता और मधुरता तो आपके विशेष गुण है। आप सर्व विशेष हो। आपकी presence ही सभी आत्माओं में जागृति देती है। बस, आप अपने उच्चतम authority रूपी स्वमान में स्थित रहो...। Paper के रूप में कोई भी बात आये, तो आप विशाल हृदय बन, सभी को क्षमा कर, स्नेह दो - यही विश्व-कल्याणकारी आत्मा के विशेष गुण है...। आपके साथ तो स्वयं भगवान, बाप रूप में चलता है, फिर आपको तो किसी भी बात की सोच होनी ही नहीं चाहिए...। अच्छा। ओम् शान्ति। * Hear Audio version (video) *

【 Peace Of Mind TV 】

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♻♻♻♻♻♻♻♻♻♻♻ आज का स्वमान ************************** ♻ मैं परिवर्तन शक्ति द्वारा हर परिस्थिति में स्वयं को मोल्ड करनेवाली स्व परिवर्तक आत्मा हूँ ♻ जो हर परिस्थिति में स्वयं को परिवर्तन कर स्व परिवर्तक बनते हैं वह सदा सफल होते हैं इसलिए स्वयं को बदलने का लक्ष्य रखो। दूसरा बदले तो मैं बदलूँ-नहीं। दूसरा बदले या न बदले मुझे बदलना है। हे अर्जुन मुझे बनना है। सदा परिवर्तन करने में पहले मैं। जो इसमें पहले मैं करता वही पहला नम्बर हो जाता क्योंकि स्वयं को मोल्ड करने वाला ही रीयल गोल्ड है। रीयल गोल्ड की ही वैल्यु है। *MADHUBAN*

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