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24 April 2019 आज की मुरली से कविता (Murli Poem Today)


Aaj ki Gyan Murli se Ek Kavita - 24 April 2019. आज की मुरली से कविता. This is poem from today's baba's murli. To access old murli poems and more, visit the Daily Murli Poems page. Or Listen Audio Murli (Hindi & English) on our page: Daily Gyan Murli

* मुरली कविता दिनांक 24-04-2019 *

देवताओं से भी उत्तम है बच्चों ये जीवन तुम्हारा

आस्तिक बनते रचयिता का राज जानकर सारा

संगमयुग में खुद भगवान बाप सम्भालते आकर

सतगुरु बन साथ ले जाते गुलगुल तुम्हें बनाकर

सतयुग में भी नहीं पाओगे ऐसा ईश्वरीय परिवार

बेहद के सन्यासी बने लिया राजयोग का आधार

आत्माओं की इस पाठशाला में परमात्मा पढ़ाते

सद्गति दाता एक परमात्मा ही राजयोग सिखाते

पुनर्जन्म लेते लेते जब कलियुग के अंत में आते

काम चिता पर जलकर सुंदर से श्याम बन जाते

कौड़ी समान जीवन को बाप हीरे समान बनाते

बाप ही बच्चों को डबल सिरताज देवता बनाते

मिटने वाली दुनिया में किसी से रिश्ता ना जोड़ो

समय अंत का आया बुद्धि बाप की तरफ मोड़ो

पुरुषोत्तम बनने वाले युग की स्मृति को जगाओ

इसी स्मृति द्वारा खुद को कौड़ी से हीरा बनाओ

व्यर्थ समाचार सुनने की इच्छा दिल से मिटाओ

फुल स्टॉप लगाकर बच्चों परमत से मुक्ति पाओ

बाप समान तुम अपने दिल को विशाल बनाओ

हद के सभी संस्कारों की स्मृति मन से मिटाओ

* ॐ शांति *

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